आज हम आपको अहमदाबाद के एक ऐसे कपल की प्रेरणादायक कहानी सुनाएंगे, जिन्होंने आईटी सेक्टर की नौकरी छोड़कर खुद का डेयरी बिजनेस शुरू किया और सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे। हम बात कर रहे हैं श्रीकांत मालदे और उनकी पत्नी चार्मी की, जिन्होंने 2017 में गौनीति ऑर्गेनिक्स नाम से अपना स्टार्टअप शुरू किया। आज ये कपल अपने डेयरी फार्मिंग बिजनेस से सालाना 2 करोड़ रुपये तक की कमाई कर रहा है। आइए जानते हैं उनकी इस सफलता की प्रेरणादायक यात्रा के बारे में।
10 साल तक आईटी सेक्टर में काम किया
श्रीकांत और चार्मी पहले दोनों आईटी सेक्टर में काम करते थे। उन्हें इस क्षेत्र में 10 साल का अनुभव था, लेकिन वे अपनी सैलरी से संतुष्ट नहीं थे। कुछ नया करने की सोच उनके मन में हमेशा रहती थी। फिर उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ आया जब श्रीकांत के पिता का निधन हो गया। इस दुखद घटना ने उनके जीवन को पूरी तरह से प्रभावित किया और उन्होंने सोचा कि अब वक्त आ गया है कुछ नया और अलग किया जाए।
प्रकृति से गहरा जुड़ाव
श्रीकांत और चार्मी को हमेशा से प्राकृतिक चीजों से गहरा लगाव था। वे चाहते थे कि लोग शुद्ध, बिना मिलावट वाले और जैविक उत्पादों का सेवन करें, लेकिन बाजार में इस तरह के उत्पादों की कमी थी। इस खामी को दूर करने का फैसला उन्होंने लिया और डेयरी क्षेत्र में कदम रखा। इस दौरान उन्होंने किसानों और डेयरी उत्पादकों से मिलकर गायों के महत्व को समझा और तय किया कि वे शुद्ध दूध और अन्य जैविक डेयरी उत्पादों के व्यवसाय में उतरेंगे।
शुरुआत की 4 गायों से
2017 में, श्रीकांत और चार्मी ने अपने सपने को साकार करने के लिए गौनीति ऑर्गेनिक्स की शुरुआत की। उन्होंने 4 गायों से अपने डेयरी फार्म की शुरुआत की और दूध, घी जैसी शुद्ध उत्पादों की बिक्री शुरू की। हालांकि, इस यात्रा में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गायों की देखभाल, मौसम के उतार-चढ़ाव, श्रमिकों का प्रबंधन—ये सभी समस्याएं उनके सामने थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कड़ी मेहनत और संघर्ष के साथ, उनके उत्पादों की मांग बढ़ने लगी और व्यवसाय में लगातार वृद्धि होने लगी।
डेयरी फार्मिंग से करोड़ों की कमाई
आज, श्रीकांत और चार्मी के पास लगभग 100 गायें हैं और वे शुद्ध दूध, घी, मक्खन, मलाई पनीर, गोबर से बनी धूप और अन्य पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की आपूर्ति करते हैं। गौनीति ऑर्गेनिक्स की वेबसाइट के माध्यम से, वे अपने उत्पादों को देशभर में बेचते हैं। उनका बिजनेस अब 2 करोड़ रुपये तक की सालाना कमाई करने में सक्षम है।
श्रीकांत और चार्मी की यह कहानी यह सिद्ध करती है कि अगर इरादा मजबूत हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। उनका सफर एक प्रेरणा है उन सभी के लिए जो अपने पुराने और सुरक्षित पेशे को छोड़कर कुछ नया करना चाहते हैं।
